माना की बेटीया कुछ खास होती हैं
पर बेटे भी तो अपनेपन का एहसास होते हैं
नन्हें नन्हें पैरोंसे घरको जगातें हैं
प्यारभरे आखोंसे दिलं को लुभाते हैं
मिठी मिठी बातोंसे मा को मनातें हैं
नटखट बाजी करने के लिये कन्हैयालाल बन जाते हैं
माना की बेट्टीयॉं जैसे नखरे नही कर पाते हैं
पर बेटे भी तो अपनेपन का एहसास होते हैं
मैदानमे खेल कम और झगडे ज्यादा करते हैं
पत्ता नही कहासे चोट लगवाकर आते हैं
स्कूलसे घर आनेपर कंमेंटरी सुनाते हैं
दोस्तोनके लिये तो ये कुछभी कर जाते हैं
माना की पढाईको sincerely नही लेते हैं
पर बेटे भी तो अपनेपन का एहसास होते हैं
College जानेपर डिमांड्स इनके बढ जाते हैं
Stylish और fashionable मॉडेलही बन जाते है
बहोत सारे ग्रुप्सके नेटवोर्क मे रहते हैं
सिक्रेट बाते तो बहेन-भाईको ही बोलते हैं
माना की बेट्टीयॉं जैसा सबकुछ नही बताते हैं
पर बेटे भी तो अपनेपन का एहसास होते हैं
बातोंसे से जतातें नहीं पर जीम्मेदारीयां उठते हैं
घरमे सभीको खुश रखनेकी हर कोशिश करते हैं
परेशानीया सहकर भी विश्वास को निभाते हैं
अपनोका एहसान कभी नही भुलते हैं
माना की बेटीयो जैसे अपना घर छोडके आते नही
पर दुसरे घरकी बेटीको दिलं मे रानीं बनाकर जीतें हैं
माँ के आंखोंका तारा तो बापकी शान होते हैं
बेहेना का गुरुर तो भाई का नाझ होते हैं
दोस्तोन्का राही तो बीवीका हमराही होते हैं
बच्चोनके लिये तो पापा घर का दुसरा नाम होते हैं
माना की बेटीयो जैसा प्यार नही जताते हैं
पर बेटे भी तो प्यार का भांडार होते हैं...
माना की बेटीया कुछ खास होती हैं
पर बेटे भी तो अपनेपन का एहसास होते हैं
पर बेटे भी तो अपनेपन का एहसास होते हैं
नन्हें नन्हें पैरोंसे घरको जगातें हैं
प्यारभरे आखोंसे दिलं को लुभाते हैं
मिठी मिठी बातोंसे मा को मनातें हैं
नटखट बाजी करने के लिये कन्हैयालाल बन जाते हैं
माना की बेट्टीयॉं जैसे नखरे नही कर पाते हैं
पर बेटे भी तो अपनेपन का एहसास होते हैं
मैदानमे खेल कम और झगडे ज्यादा करते हैं
पत्ता नही कहासे चोट लगवाकर आते हैं
स्कूलसे घर आनेपर कंमेंटरी सुनाते हैं
दोस्तोनके लिये तो ये कुछभी कर जाते हैं
माना की पढाईको sincerely नही लेते हैं
पर बेटे भी तो अपनेपन का एहसास होते हैं
College जानेपर डिमांड्स इनके बढ जाते हैं
Stylish और fashionable मॉडेलही बन जाते है
बहोत सारे ग्रुप्सके नेटवोर्क मे रहते हैं
सिक्रेट बाते तो बहेन-भाईको ही बोलते हैं
माना की बेट्टीयॉं जैसा सबकुछ नही बताते हैं
पर बेटे भी तो अपनेपन का एहसास होते हैं
बातोंसे से जतातें नहीं पर जीम्मेदारीयां उठते हैं
घरमे सभीको खुश रखनेकी हर कोशिश करते हैं
परेशानीया सहकर भी विश्वास को निभाते हैं
अपनोका एहसान कभी नही भुलते हैं
माना की बेटीयो जैसे अपना घर छोडके आते नही
पर दुसरे घरकी बेटीको दिलं मे रानीं बनाकर जीतें हैं
माँ के आंखोंका तारा तो बापकी शान होते हैं
बेहेना का गुरुर तो भाई का नाझ होते हैं
दोस्तोन्का राही तो बीवीका हमराही होते हैं
बच्चोनके लिये तो पापा घर का दुसरा नाम होते हैं
माना की बेटीयो जैसा प्यार नही जताते हैं
पर बेटे भी तो प्यार का भांडार होते हैं...
माना की बेटीया कुछ खास होती हैं
पर बेटे भी तो अपनेपन का एहसास होते हैं



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